दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में स्थित लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में बुधवार सुबह भीषण आग लगने से कम से कम 10 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बचाव कार्य के लिए दमकल विभाग, पुलिस और प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंचीं।
दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) को सुबह करीब 9:45 बजे आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार, बेसमेंट समेत पूरी इमारत से लगभग 37 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जबकि इमारत में फंसे अन्य लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा।
डीडीएमए (DDMA) साउथ डिस्ट्रिक्ट के एसडीएम जितेंद्र कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन तंत्र को सक्रिय कर सभी संबंधित एजेंसियों को घटनास्थल पर भेजा गया। उन्होंने कहा कि इमारत के निचले हिस्से में एक होटल संचालित किया जा रहा था और प्रारंभिक जांच में आग का संबंध उसी से होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।
प्रशासन के अनुसार, आग लगने के बाद इमारत से बाहर निकलने के अधिकांश रास्ते बंद हो गए थे। जान बचाने के लिए कई लोगों को बालकनी और खिड़कियों से नीचे कूदना पड़ा। स्थानीय निवासियों ने इमारत के सामने जमीन पर गद्दे बिछाकर लोगों की मदद की, जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में सभी आवश्यक पहलुओं की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, होटल कथित रूप से किसी अन्य लाइसेंस की आड़ में संचालित किया जा रहा था। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच, बिजली वितरण कंपनी बीएसईएस (BSES) ने समय रहते इलाके की बिजली आपूर्ति बंद कर दी, जिससे आग पर काबू पाने में मदद मिली और स्थिति को और गंभीर होने से रोका जा सका।
घटना के बाद प्रशासन ने नगर निगम (MCD) से जानकारी मांगी है कि रिहायशी इलाकों में कितने होटल और रेस्टोरेंट संचालन की अनुमति के साथ चल रहे हैं। अधिकारियों ने कहा है कि ऐसे सभी प्रतिष्ठानों की नियमित जांच कर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
